Quotes worth a Million

Archive for April, 2010

किस शायर से …

किस शायर से कहू
के क्या खूब कहा हैं
हर एक की शायरी
बहुत खूब रहा हैं

सोचता हूँ मैं भी
उनकी तरह क्यों नहीं लिखता
जिस नज़र से वोह दुनिया देखते हैं
क्या वोह मुझे नहीं दीखता

फिर भी आज कल के शायरों में
मेरा भी कुछ नाम हैं
जब लोग वाह वाह केहते हैं
वही मेरे लिए इनाम हैं

ना तो मैं मजरूह हूँ
और ना ही हूँ समीर
लेकिन शायरों के शायरिओं से
मैं हूँ बड़ा अमीर

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